तदभव अंक 27
जीवन तो फिर विपथन ही सही... भानु भारती
शताब्दी उत्पीड़ित और अपमानित लोगों का संसार मोहम्मद मसूद
लेख प्राचीन भारत में शिल्पियों की स्थिति रमानाथ मिश्र सामाजिक पदानुक्रम का प्रत्यंतरण अवधेश मिश्र
विशेष अपनी अपनी आधुनिकता हरबंस मुखिया
तदभव अंक 27कहानियां मिनाल पार्क और तीन बूढ़े वंदना शुक्ला ए घुटरू ! ए घुटरू ! कहनी कहो न... शिवेन्द्र
आत्मकथा मणिकर्णिका डॉ. तुलसीराम
कविताएं आठ कविताएं विष्णु नागर / कविताएं बद्री नारायण / कविताएं प्रकाश / हलफनामा: कविता के दक्खिन टोले से अशोक कुमार पाण्डेय / कविताएं अपर्णा मनोज / तीन कविताएं अविनाश मिश्र
वृत्तांत अर्थात् औरों की कथा अरुण कमल
समीक्षाएं समय की सचाइयां तलाशता साहित्य बिपिन तिवारीकविता की नाउम्मीदी के खिलाफ मदन कश्यपतो जीवन कितना वृहत्तर हो जायेगा अनिल त्रिपाठीकाव्य चित्त का परिष्कार और विस्तार जितेन्द्र श्रीवास्तव
उपन्यासबखेड़ापुर हरे प्रकाश उपाध्याय
समीक्षाएं निज लय का अनुपम गद्य पंकज पराशरव्यंजना शक्ति का नया रूप अजय वर्मा भूमंडलीकरण के दौर में आधुनिकता अरुण होता
जीवनतो फिर विपथन ही सही... भानु भारती
शताब्दीउत्पीड़ित और अपमानित लोगों का संसार मोहम्मद मसूद
कहानियांमिनाल पार्क और तीन बूढ़े वंदना शुक्ला ए घुटरू ! ए घुटरू ! कहनी कहो न... शिवेन्द्र
आत्मकथामणिकर्णिका डॉ. तुलसीराम
लेखप्राचीन भारत में शिल्पियों की स्थिति रमानाथ मिश्र सामाजिक पदानुक्रम का प्रत्यंतरण अवधेश मिश्र
समाज मार्फत दिल्ली कृष्णा सोबती
शताब्दी‘मैं’ और ‘वे’ के बीच रामविलास शर्मा का ज्ञानकांड अभय कुमार दुबे रामविलास जी की एक डायरी विजय माहन शर्मा
कहानियांफेसबुक और बनना पड़ोसी के मकान काकृनवीन जोशी परिवार, (राज्य) और निजी सम्पत्ति राकेश मिश्र द रॉयल घोस्ट तरुण भटनागर
लम्बी कहानी कट टु दिल्लीः कहानी में प्रधानमंत्राी का प्रवेश उमा शंकर चौधरी
कविताएं कविताएं कात्यायनी / कविताएं एकांत श्रीवास्तव / सात कविताएं गीत चतुर्वेदी / दो कविताएं श्रीप्रकाश शुक्ल / कविताएं यू.के.एस. चौहान / तीन कविताएं प्रीति चौधरी
आत्मकथामणिकर्णिका डॉ. तुलसी राम
लेखदृश्य: बिम्ब और गाथा नित्यानंद तिवारीमहाराष्ट्रीय नवजागरण में निरंतरता वीर भारत तलवार
बहसयथार्थवाद और मार्क्सवाद को विकसित करें रमेश उपाध्याय जवाबे शिकवा राजकुमार
वृत्तांत अर्थात औरों की कथा अरुण कमल
विशेषबच्चों को क्या पाठ पढ़ाएं? दीप्ति प्रिया मेहरोत्रा
समीक्षाएं/ रोती हुई संवेदनाओं की आत्मकथा चौथीराम यादवसमीक्षाएं/ निरुपनिवेशीकरण के हक में अजय तिवारी समीक्षाएं/ कविता सम्प्रति: पीढ़ियों की जुगलबंदी ओम निश्चल समीक्षाएं/ वैचारिक आधार की दृढ़ता वीरेन डंगवाल समीक्षाएं/ संघर्ष काल में कथाएं वैभव सिंहसमीक्षाएं/ समय और सभ्यता का भाष्य अशोक सिंह यादव
जीवन• जीवन क्या जिया! नामवर सिंह• मुड़ मुड़ के देखता हूं... राजेन्द्र यादव• यह जान तो आनी जानी है... गुरदयाल सिंह
समाज• विस्थापन की पीड़ा पी.सी. जोशी
शताब्दी• नयी चेतना का संघर्ष अजय तिवारी • जैनेन्द्र की रचनात्मक दुनिया में स्त्री प्रीति चौधरी
लेख• 'शृंखला की कड़ियां' और मुक्ति की राहें मैनेजर पाण्डेय• गांधी: अपना सामना सुधीर चंद• विभाजन, इस्लामी राष्ट्रवाद और भारतीय मुसलमान (संदर्भ: आधा गांव, उदास नस्लें, आग का दरिया व छाको की वापसी) वीरेन्द्र यादव • भक्ति के बृहद आख्यान में 'सत्पुरुषों' की पीड़ा बजरंग बिहारी तिवारी• स्त्री प्रतिरोध के पुरा लेख अवधेश मिश्र
मुलाकात• भारत में आर्यों की अखंड इकाई नहीं थी डाक्टर रामविलास शर्मा से नामवर सिंह की वार्ता
बहस• आम्बेडकर चिन्तन में मार्क्स कंवल भारती
संस्मरण• लखनऊ मेरा लखनऊ मनोहर श्याम जोशी• मैनपुरी का शहजादा कृष्णा सोबती • तारामंडल के नीचे एक आवारागर्द ज्ञानरंजन • फिराक वार्ता विश्वनाथ त्रिपाठी• पंडित श्रीलाल शुक्ल रवीन्द्र कालिया
डायरी • गुजरात: यहां भी है, वहां भी है नमिता सिंह
यात्राजंगलों की ओर मधु कांकरिया
वृत्तांत कितने शहरों में कितनी बार: दिल्ली ममता कालिया
आख्यानक घर का जोगी जोगड़ा काशीनाथ सिंह
आत्मकथामुर्दहिया: डॉ. तुलसी राम
विशेष • रतनबाई जिन्ना: जिन्ना की कामना का नीलकुसुम वीरेन्द्र कुमार बरनवाल• 19वीं सदी में स्त्री चेतना और ताराबाई शिन्दे वीरभारत तलवार• रणभूमि में भाषा विभूति नारायण राय • आत्म और आत्मचरित राजकुमार
कहानियां
• नपनी दूधनाथ सिंह • ख्वाजा, ओ मेरे पीर! शिवमूर्ति • इति गीतांजलि श्री • रंगमंच पर थोड़ा रुक कर देवेन्द्र• भूलभुलैयां सारा राय • खाना योगेन्द्र आहूजा • परिन्दे का इंतजार सा कुछ... नीलाक्षी सिंह • नोटिस राजू शर्मा • क्विजमास्टर पंकज मित्र• मौसम मो. आरिफ• इति गोंगेश पाल वृत्तांत कुणाल सिंह • सोने का सुअर मनोज कुमार पाण्डेय • भूलना चंदन पाण्डेय • एक जिन्दगी... एक स्क्रिप्ट भर! उपासना
कविताएं • कोलम्बस का जहाज कुंवर नारायण • इब्राहिम मियां का हालचाल केदारनाथ सिंह• विनोद कुमार शुक्ल की कविता • अपने बहीखाते में अशोक बाजपेयी• होनहार विष्णु खरे • हमसे भी तो कुछ सीखना चाहिए मनुष्यों को चंद्रकांत देवताले • बैलगाड़ी भगवत रावत• समुद्र पर हो रही बारिश नरेश सक्सेना • मेरे हिस्से की शांति ऋतुराज • जगह बदलनी होगी वेणु गोपाल• खिलौना राजेश जोशी• दोस्त अरुण कमल • कुछ कद्दू चमकाये मैंने वीरेन डंगवाल • खेल के नियम विजय कुमार• पुकार पंकज सिंह • मेरी हैसियत विष्णु नागर• प्रेत विनोद दास• पिताओं के बारे में कुछ छूटी हुई पंक्तियां कुमार अम्बुज• निजामुद्दीन देवी प्रसाद मिश्र • आधी रात मे रुलाई का पाठ बद्रीनारायण• हंसने से अधिक रोने की क्रियाएं नवल शुक्ल • दृश्यों से लबालब इस दुनिया में हरीश चन्द्र पाण्डेय • हवाई थैला मदन कश्यप • नदी और पुल विमल कुमार • रीमिक्स आशुतोष दुबे • बात पवन करण • हड़परौली श्रीप्रकाश शुक्ल • नमकहराम जितेन्द्र श्रीवास्तव • जिसके पीछे पड़े कुत्ते गीत चतुर्वेदी • इस बरस फिर हरे प्रकाश उपाध्याय • विलाप नहीं कुमार वीरेन्द्र • वैश्विक बाजार में लुप्त होने से पहले पटरी बाजार का एक शब्दचित्रा मदन केशरी• मुक्तिबोध का लिफाफा यू.के.एस. चौहान• दिल्ली में टाइम क्या चल रहा है सर्वेन्द्र विक्रम• तुम्हारी जेब में एक सूरज होता अजेय• नानी का चश्मा फरीद ख
• महुआचरित काशीनाथ सिंह • गाइबबाज राजेश जोशी • ख्वाजा, ओ मेरे पीर शिवमूर्ति • अपराध सारा राय• एक्यूरेट पैथालाजी योगेन्द्र आहूजा • साया कोई नीलाक्षी सिंह • पुरोहित जिसने मछलियां पालीं मनोज कुमार पांडेय
लेख• कहानी पच्चीस साल की राजकुमार
विशेष• युवा उपन्यासकार के नाम पत मारियो वार्गास योसा
उपन्यास• युक्लिड और दावौस: एक घटता हुआ अफसाना राजू शर्मा
जीवन • यह जान तो आनी जानी है... गुरदयाल सिंह
शताब्दी • अज्ञेय : दिक और काल के बरक्स राहुल सिंह• प्राण का है मृत्यु से कुछ मोल सा सुबोध शुक्ल• आत्मकथन शमशेर बहादुर सिंह
लेख • वैकल्पिक आधुनिकता, आधुनिकता के विकल्प, अनेक आधुनिकताएं या कुछ और हरबंस मुखिया• एक वाकिया' संविधान सभा काः चंद उलझे हुए सवालों पर एक नजर और आदित्य निगम
कहानियां • दो कहानियां काशीनाथ सिंह• सेंदरा पंकज मित्र• खाली दिनों में लोकबाबू की जंगलगाथा रविंद्र आरोही• रामबहोरन की अनात्मकथा आशुतोष
विशेष • हाशिमपुरा 22 मई विभूति नारायण राय
कविताएं • कविताएं बद्री नारायण• इस्तिमा से खरीदा चमड़े का कोट नरेंद्र गौड़• अच्छा आदमी प्रेम रंजन अनिमेष• कविताएं जितेंद्र श्रीवास्तव• तीन कविताएं अजेय• कविताएं फरीद खान
पत्र• भगवत शरण उपाध्याय के नाम पत्र प्रस्तुतिः डॉ. अरुण वर्मा
वृत्तांत • असमाप्त किस्सों की समापन किस्त राजेश जोशी
उपन्यास• पतिया : देशज नारी विमर्श की प्रथम कृति वीरेंद्र यादव• पतिया केदारनाथ अग्रवाल
• आधुनिकता तथा आम आदमी इंद्रनाथ चौधुरी
• हिन्द स्वराज की अंतस्संरचनाः विकास के वैकल्पिक मॉडल
की तलाश विनोद शाही
• आधुनिक सभ्यता एवं हिन्द स्वराज राजकुमार
• आधुनिक सभ्यता के नाम अभियोगपत्रा राकेश
• आधुनिक सभ्यता का विकल्प आशुतोष कुमार मिश्र
• हिन्द स्वराज : दो सवाल सुधीर चंद्र
• हिन्द स्वराज का वर्णाश्रमी पाठ विभूति नारायण राय
• सुस्तकदमी का सौन्दर्यशास्त्रा आदित्य निगम
• हिन्द स्वराज का क्या करें? प्रणय कृष्ण
• हिन्द स्वराज: ऐतिहासिक अनिवार्यता नंद किशोर आचार्य
• हिन्द स्वराज : कुछ नोट्स त्रिदिप सुद
• मानसिक स्वराज : हिन्द स्वराज के सौ साल बाद शैल मायाराम
• हिन्द स्वराज का पुनर्पाठ एवं छनीसगढ़ मुक्ति मोर्चा हिलाल अहमद
• गांधीवाद, हिन्द स्वराज और हमारा समय दिनेश कुमार
• सभ्यता का समग्र बोध शम्भू जोशी
• हिन्द स्वराज : एक पाठ अभय कुमार दुबे
• गांधी का हिन्द स्वराज अरुणेश नीरन शुक्ल
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